जगत झुरे विनती करे, धीन धीन धरती धाम...
एकर पाछो आवजे, जग में मिर्धा बलदेवराम...
महान स्वतंत्रता सेनानी, मरूभूमी में एक अवतार - किसान केसरी बलदेवराम जी मिर्धा को 129 वीं जयंती (किसान क्रांति दिवस) पर श्रद्धांजलि, नमन् . . .
किसान केसरी बलदेवराम जी गांव, गरीब व किसान पर उस समय हो रहे अत्याचार शोषण के खिलाफ एक अवतार थे, जिन्होंने उस जमाने में पुलिस विभाग में DIG के पद से त्याग पत्र देकर आजादी का प्रचार प्रसार किया व जागीरदारी प्रथा को समाप्त करने का प्रचार प्रसार कर लोगों को जागृत किया ओर सामाजिक कुरितियों के खात्में व शिक्षा के लिए अनेक जगहों पर किसान छात्रावासो का निर्माण करवाया ।
वे किसान जागृति के अग्रदूत थे जिन्होंने किसान में अन्याय व अत्याचार के खिलाफ लोगों को जागरूक कर उनमें स्वाभिमान जागृत किया ।
वे किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं थे वे उस समय के शोषण करने वालो के खिलाफ थे ओर दुषित व्यवस्था के खिलाफ थे व पीड़ित व गरीब लोगों के साथ थे, उनमें सामाजिक व शैक्षणिक जागृति के लिए एक क्रांति के सुत्रधार अवतार थे ।
हमें महान स्वतंत्रता सेनानी के सपने को साकार करने के लिए प्रयास करने चाहिए व सामाजिक कुरितियों को जड़ से समाप्त करना होगा ।
पुनः किसान केसरी बलदेवराम जी मिर्धा को जयंती पर नमन ।
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Kuldeep Riyar Khangta
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