।।मुहूर्त का समय।।
जिस दिन जिस वक्त हमारा जन्म हुआ वही दिन और समय हमारे लिए शुभ है।
जन्म मरण के संदर्भ मे:-
जन्म लेते समय कभी मुहूर्त नही देखा जाता और मरने के लिए भी कोई मुहूर्त नही देखा जाता फिर भी जिंदगी में मुहूर्त देखा जाता है।
शुभ मुहूर्त में जन्मा बच्चा सदैव वैज्ञानिक, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उधोगपति ही होगा क्या?
जैसे किसी सम्पन व्यक्ति अम्बानी , बिल गेट्स के जन्म के मुहूर्त में पैदा हए सारे बच्चे बिल गेट्स या अम्बानी बने क्या?
मेरे हिसाब से सभी दिन औऱ सभी समय शुभ है हमारे लिए, सभी दिन व समय शुभ ही तो है।
सामाजिक क्षेत्र:-
कुंडलिया देखकर विवाह का मुहूर्त निकाला जाता है फिर भी अनेक महिलाएं विधवा और पुरूष विधुर होते हैं।
पत्रिका और कुंडली जोड़कर हुए जोड़ो का तलाक और कुछ की अकाल मृत्यु क्यों होती है, ऐसा क्यों?
मेरे अनुसार जैसे वर्ष में होने वाले 95 % विवाह मुहूर्त के समय नही होते फिर भी मुहूर्त का आग्रह किसलिए?
राजनीतिक क्षेत्र :-
मुहूर्त देखकर चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवार में से एक ही विजयी होता है , शेष सभी हारते है, ऐसा क्यों होता है? या फिर सिर्फ एक का ही मुहूर्त शुभ होता है क्या !
जैसे किसी मंत्री पद की शपथ ग्रहण , मंत्रालय में कार्यभार संभालने का मुहूर्त , कुर्सी पर बैठने का मुहूर्त सबका शुभ मुहूर्त देखा जाता है फिर भी यह पद अल्पकालीन क्यों हो जाता हैं?
नवीन प्रतिष्ठान के शुभारंभ के संदर्भ में:-
उच्च शिक्षित डॉक्टर, इंजीनियर , उद्योगपति अपने प्रतिष्ठान का उदगाटन करते समय मुहूर्त देखकर ही शुरुआत करते है , फिर भी कितनो को अपयश मिलता है, व्यवसाय सफल नही होता उनको उस क्षेत्र को छोड़कर भागना पड़ता है , ऐसा क्यों?
मेरे अनुसार अपने आप पर व अपने कर्मो पर विश्वास रखे , अगर आपका मन निर्मल होगा और प्रयास करने की क्षमता होगी तो आपको यशस्वी होने से कोई मुहूर्त का समय रोक नही सकता। इसलिए आज व अभी से शुभ अशुभ मुहूर्त में न पड़ते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं और अपना व दूसरो का समय बर्बाद न करते हुए कर्मयोगी, परिश्रमी , मेहनतकश , यशस्वी बने ।।
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लेखक
कुलदीप रियाड़
©2018
नोट:- यह विचार स्वयं के है तथा मेरा उद्देश्य इस लेख के माध्यम से किसी की भावना आहत करना नही है ।
सादर
कुलदीप रियाड़
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