Friday, 21 December 2018

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जीवन की यादें

किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी             

पुरानी यादें.....

एक दिन सुबह सुबह उठकर चौधरी चरण सिंह अपने ड्राईवर को बोले, चलो गाड़ी लेकर आओ। आज कही घूमने चलते हैं। चौधरी साहब गाड़ी मे बैठ कर चल दिए तभी ड्राईवर ने पूछा कि कहाँ जाना हैं? तो उन्होंने बोला तुम चलते रहो मै रास्ता अपने आप बता दूंगा।

ऐसे चलते चलते चौधरी साहब एक खेत मे पहुँच गए और ड्राईवर को बोले गाड़ी रोक दो। आज मै तुम्हें देश के अन्नदाता से मिलवाता हूँ।

उन्होंने देखा दो किसान काम करके खाना खाने के लिए बैठे ही थे, उन्होंने भी चौधरी साहब को भी अपनी और आते देख लिया था तो उन्होंने अपना खाना बंद करके ऱख दिया। और चौधरी साहब की सेवा मे लग गए।

तभी चौधरी साहब ने बोला रोटी नहीं आई क्या ? दोनों ने एक दूसरे की तरफ देखा और बोले नहीं आई।

एक ने कहा अभी लाते हैं गांव से।

तभी चौधरी साहब ने कहा रोटी तो आई हुई हैं वो ही ले आओ। दोनों भाई एक दूसरे की तरफ देखने लगे तभी चौधरी साहब ने अपने ड्राईवर को बोला कि तुम ले आओ ट्यूबवेल से खाना, वो खाना ले आया और चौधरी साहब खाना खाने लगे
तभी चौधरी साहब ने बोला गुड़ नहीं हैं क्या?

तो किसान बोला नहीं चौधरी साहब लड़की को बालक हुआ था गुड़ बेच कर उसका छुचक दे दिया।

तभी चौधरी साहब ने अपने ड्राईवर से बोला ये हालात हैं भारत के  किसान के। जो गुड़ पैदा कर रहा हैं आज उसके पास खाने के लिए गुड़ नहीं हैं।

ऐसे किसान मसीहा को मै कोटि कोटि नमन करता हूँ जिन्होंने अपना पूरा जीवन किसान हित के लिए लगा दिया।

" भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने कहा था देश की तरक्की का रास्ता खेत खलिहान से हो कर गुजरता है। "

लेकिन आज किसान की बदहाली का रास्ता भी खेत खलिहान से ही गुजरता हैं किसानो के हालात बद से बदत्तर हो गए हैं किसानो को फसलों के वाजिब दाम नहीं मिल रहे हैं । किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं।
एक बार वापस आ जाओ चौधरी साहब .....

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©
लेखक
कुलदीप रियाड़
Written by
Kuldeep riyar

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