अपनी मातृ भाषा का प्रयोग जरूर करे...!!
मारवाड़ी को अब भाषा का दर्जा मिलना चाहिए...!
अणमांग्या मोती मिलै, मांगी मिलै न भीख।
शब्दार्थ :- बगैर मांगे मोती मिल जाता है,जबकि मांगने से भीख भी नहीं मिलती है।
भावार्थ :- मांगे बगैर भी कोई मुल्यवान चीज़ मिल जाती है जबकि कई बार मांगने पर भी तुच्छ वस्तु हांसिल नहीं होती है,वरन आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचती है।
#savemarwadi
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Kuldeep Riyar
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