Wednesday, 13 June 2018

Kuldeep Riyar : Save Marwari language

अपनी मातृ भाषा का प्रयोग जरूर करे...!!
मारवाड़ी  को अब भाषा का दर्जा मिलना चाहिए...!

अणमांग्या मोती मिलै, मांगी मिलै न भीख।

शब्दार्थ :- बगैर मांगे मोती मिल जाता है,जबकि मांगने से भीख भी नहीं मिलती है।
भावार्थ :- मांगे बगैर भी कोई मुल्यवान चीज़ मिल जाती है जबकि कई बार मांगने पर भी तुच्छ वस्तु हांसिल नहीं होती है,वरन आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचती है।

#savemarwadi

✍️✍️✍️✍️✍️
Kuldeep Riyar

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