Saturday, 24 February 2018

मारवाड़ी कहावते

मातृ भाषा मारवाड़ी की कुछ कहावते संकलन करने  का प्रयास किया है  ।
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1✍️✍️✍️✍️✍️✍️
बाग बिगाङे बांदरो. सभा बिगाङे फूहङ.
लालच बिगाङे दोस्ती. करे केशर री धूङ.

2✍️✍️✍️✍️✍️✍️
पाडा बकरा बांदरा चौथी चंचल नार.
इतरा तो भूखा भला धाया करे बोबाङ

3✍️✍️✍️✍️✍️✍️
जीभड़ल्यां इमरत बसै, जीभड़ल्यां विष होय।
बोलण सूं ई ठा पड़ै, कागा कोयल दोय।।

4✍️✍️✍️✍️✍️✍️
चंदण की चिमठी भली, गाडो भलो न काठ।
चातर तो एक ई भलो, मूरख भला न साठ।।

5✍️✍️✍️✍️✍️✍️
गरज गैली बावली. जिण घर मांदा पूत.
सावन घाले नी छाछङी जेठां घाले दूध

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कुलदीप रियाड़

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