Friday, 17 March 2017

'सफलता के 20 मंत्र मुनि तरुणसागर' संग्रहकर्ता :- कुलदीप रियाड़ खांगटा

        सफलता के 20 मंत्र 

1.खुद की कमाई  से कम खर्च हो ऐसी                  जिन्दगी बनाओ..!

2. दिन में कम  से कम तीन लोगो की प्रशंसा          करो..!

3. खुद की भुल स्वीकारने में कभी भी संकोच          मत करो..!

4. किसी  के सपनो पर  हँसो मत..!

5. आपके पीछे खड़े व्यक्ति को भी कभी कभी        आगे जाने का मौका दो..!
6. रोज हो सके तो सुरज को उगता हुए देखे..!
7. बहुुुत जरुरी हो तभी कोई चीज उधार लो..!
8. किसी के पास से कुछ जानना हो तो विवेक        से दो बार...पुछो..!
9. कर्ज और शत्रु को कभी बडा मत होने दो..!
10. खुद पर पुरा भरोसा रखो..!
11. प्रार्थना करना कभी मत भुलो, प्रार्थना में
      अपार शक्ति होती है..!
12. अपने काम  से मतलब रखो..!
13. समय सबसे ज्यादा कीमती है, इसको फालतु
      कामो  में खर्च मत करो..
14. जो आपके पास है, उसी में खुश रहना                 सिखो..!
15. बुराई कभी भी किसी कि भी मत करो,              क्योकि बुराई नाव में छेद समान है, बुराई
       छोटी हो तो बड़ी नाव को डुबो ही देती  है..!
16. हमेशा सकारात्मक सोच रखो..!
17. हर व्यक्ति एक हुनर लेकर पैदा होता है बस
       उस हुनर को दुनिया के सामने लाओ..!
18. कोई काम छोटा नही  होता हर काम बडा           होता है जैसे कि सोचो जो काम आप कर           रहे हो अगर वह काम आप नही करते हो तो
        दुनिया पर क्या असर होता..?
19. सफलता उनको ही मिलती  है जो कुछ
       करते  है!
20. कुछ पाने के लिए कुछ खोना नही बल्कि             कुछ करना पडता है....!

यह विचार जैन मुनि श्री तरुण सागर जी के है इनको संकलित कर लिपिबद्ध मैंने किया है ।


कुलदीप रियाड़

Kuldeep riyar

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